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मेहनत पूरी, फिर भी बरकत नहीं? घर के 21 सुधार — बिना तोड़-फोड़, किराये के घर में भी।

इक्कीस सुधार · बिना तोड़-फोड़ · अठारह बिना मकान-मालिक से पूछे

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"बरकत नहीं है"

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तोड़-फोड़ का डर

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किराये का घर

इस किताब में क्या मिलेगा

  1. भूमिका — आना और टिकना दो अलग बातें हैं यह पुस्तक क्यों लिखी गई, और इसे कैसे पढ़ें
  2. वास्तु क्या है — और क्या नहीं पहले भ्रम हटाइए, फिर घर देखिए
  3. आता है, टिकता नहीं — घर में दिखने वाले 9 संकेत संकेत पहचानिए, खुद को दोष नहीं
  4. अपने घर की दिशा 20 मिनट में खुद नापिए मोबाइल कम्पास, कागज़, और बस इतना
  5. मुख्य द्वार — बरकत यहीं से भीतर आती है सबसे ज़्यादा असर, सबसे कम मेहनत
  6. उत्तर और ईशान — घर का धन-कोना कौन-सा कोना, और उसमें क्या न हो
  7. तिजोरी, अलमारी और पर्स जहाँ पैसा रुकता है, वहाँ की व्यवस्था
  8. रसोई और अन्न — बरकत का असली गोदाम चूल्हा, पानी, डिब्बे: तीन सुधार
  9. पानी — बहता, रुका और टपकता एक टपकती टोंटी, और उसका अर्थ
  10. कबाड़, टूटी चीज़ें, बंद घड़ी, चटका शीशा सबसे सस्ता सुधार, सबसे टाला हुआ
  11. दक्षिण-पश्चिम और ब्रह्मस्थान — जिन्हें छेड़ना नहीं क्या न करें, यह भी उतना ही ज़रूरी
  12. किराये का घर, 1RK और फ़्लैट मकान-मालिक से पूछे बिना, लगभग सब कुछ
  13. कब यह वास्तु नहीं है — आमदनी, ख़र्च और हिसाब सबसे ईमानदार अध्याय, इसीलिए बीच में
  14. रोज़ की पाँच छोटी क्रियाएँ दस मिनट, हर दिन, बिना ख़र्च
  15. दान और ऋण — देने का अनुशासन जो जाता है, उसका भी नियम है
  16. आत्म-जाँच — कमरा-दर-कमरा 21 प्रश्न अपना घर ख़ुद जाँचिए, बिना शुल्क
  17. समापन — चालीस दिन की सरल दिनचर्या जो आज से शुरू हो सकता है

किसके लिए है

  • ✓ जो घर सुधारना चाहते हैं, पर तोड़-फोड़ की गुंजाइश नहीं रखते।
  • ✓ जो किराये के मकान, फ़्लैट या एक कमरे के घर में रहते हैं।
  • ✓ जो वास्तु सलाहकार के हज़ारों रुपये ख़र्च नहीं करना चाहते।
  • ✓ जो नहीं जानते कि उनके घर की कौन-सी दिशा कौन-सी है, और खुद जानना चाहते हैं।

किसके लिए नहीं है

  • ✕ जो किसी समय-सीमा में परिणाम चाहते हैं — "इतने दिन में धन"। यह पुस्तक ऐसा वादा नहीं करती, और शास्त्र भी नहीं करते।
  • ✕ जो यंत्र, रत्न, पिरामिड या कोई ख़रीदने वाली वस्तु खोज रहे हैं। इसमें ऐसा कुछ नहीं है।
  • ✕ जो घर के हिसाब की जगह दिशा से समाधान चाहते हैं। अध्याय 12 साफ़ कहता है कि कब यह वास्तु का विषय ही नहीं है।

क्या इनमें से 3 बातें आप पर लागू होती हैं?

यह सूची सिर्फ़ आपके अपने ब्राउज़र में चलती है — कहीं भेजी नहीं जाती।

लेखक के बारे में

अनिरुद्ध सरकार जी

अनिरुद्ध सरकार जी

सरल शास्त्र-श्रृंखला के लेखक

अनिरुद्ध सरकार जी सरल शास्त्र-श्रृंखला के लेखक हैं। हर पुस्तक का एक ही नियम — शास्त्र का आदर, डर का व्यापार नहीं, और हर उपाय घर पर, बिना पंडित, ख़र्च और समय के साथ।

हर किताब मौलिक है, स्कैन नहीं

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आपके मन में सवाल हैं?

नहीं। इक्कीस में से एक भी सुधार ऐसा नहीं है जिसमें दीवार, फ़र्श, खिड़की या नल की पाइप बदलनी पड़े, या मिस्त्री बुलाना पड़े। यह पुस्तक का बनाया हुआ नियम है।
इक्कीस में से अठारह के लिए मकान-मालिक से पूछने की ज़रूरत ही नहीं। बाक़ी तीन में भी काम आप ही करते हैं — बस टपकती टोंटी, सीलन और नई बत्ती की एक बात कहनी पड़ती है। अध्याय 11 पूरा इसी पर है।
नहीं। कोई यंत्र, रत्न, पिरामिड या "वास्तु-दोष निवारक" वस्तु इस पुस्तक में नहीं है। जो चाहिए वह घर में पहले से है — झाड़ू, कपड़ा, एक बल्ब, एक पेचकस। अधिकतर सुधार ₹0 से ₹50 में।
हाँ। अध्याय 3 इसी के लिए है: मोबाइल के कम्पास, एक काग़ज़ और पेंसिल से बीस मिनट में अपने घर का खाका खुद बना लीजिए। किसी को बुलाना नहीं पड़ता।
नहीं। कोई समय-सीमा, कोई रकम और कोई गारंटी इस पुस्तक में नहीं है — शास्त्र भी ऐसा वादा नहीं करते। और एक पूरा अध्याय (12) इस पर है कि कब परेशानी घर की दिशा से नहीं, घर के हिसाब से आ रही है।
84 पृष्ठ, 16 अध्याय, 21 सुधार कमरा-दर-कमरा, इक्कीस प्रश्नों की आत्म-जाँच और चालीस दिन का क्रम। PDF तुरंत डाउनलोड, 7 दिन की मनी-बैक गारंटी।